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संगदिल

    मानसी की स्थिती उस समय पेंडूलम जैसी हो जाती है, जब हर रविवार को सासू माँ का वीडियो काॅल आ जाता ,रविवार को  सुबह नौ बजे आराम से उठती है, अपने लिए एक कप मस्त चाय लेकर बालकनी में झूले पर बैठ चाय की चुस्की लेते हुए नीचे सड़क पर आते जाते राहगीरों को ताकती है । तभी उसकी नीचे  ग्राऊंडफ्लोर पर नजर पड़ी  है  .... आयरन वाले का बेटा जोर जोर से रो रहा है और उसकी माँ अपने छाती से चिपका चुप करा रही है , बाप उसे चट चट तमाचा मारे जा रहा है । अरे, ये क्या तरीका है भई!  क्या हुआ  कि इतने बेदर्दी से मार रहा है  आयरन वाला अपने बेटे को  ? मानसी तुरंत गार्ड को फोन लगाई ...... मुकेश/ आयरनवाला को मेरे पास  फ्लैट न॔बर 402 में भेजो !  जी मैम, अभी भेजता हूँ।

आयरन वाला उसकी पत्नी और बेटा.....आते हैं मानसी के घर ,

उसके दस साल के बेटे की आँखें सूजी हुई थीं और गाल पर थप्पड़ के निशान अच्छे खासे अंकित थे। मुकेश,  क्यों इसे पीट रहे थे बच्चे को ? मानसी तंज कसते हुए बोली , चौदह साल के बच्चों के साथ मारपीट करना कानूनन जुर्म है । रात दिन इससे काम लेते रहते हो , बिचारा मासुम के हाथ से सबके फ्लैट में आयरन किए कपड़े को पहुँचवाते हो । कैसे निष्ठुर बाप हो तुम ? मानसी के कड़कदार बातों से मुकेश ग्लानिवश सिर झुका लेता है । उसकी पत्नी सुबक कर रो पड़ी है , मालकिन मेरा बेटा चोर नहीं है ?  फ्लैट नंबर 207 वाले मालिक ने मेरे बेटे को बहुत मारा है , आरोप भी लगा रहे कि उनके घर मोबाइल फोन सैमसंग का चुरा लिया है मेरा बेटा ? मालकिन , आप ही बताइए हम कहाँ से 38 हजार देंगे , कह रहे कि इसका हर्जाना दो , नहीं तो पुलिस को बुलाकर मेरे बच्चे को दे देंगे , इसलिए इसका बाप इसे मार रहा है । बिचारी आयरन वाली कलपते हुए बोली और उसका बच्चा डरा सहमा सा माँ के पीछे खड़ा है । आयरन वाले के भोलेभाले बच्चे का चेहरा देख कर एकदम नहीं लगता कि इसने चोरी की होगी ?

फ्लैट 207  में रहने वाले कपूर फैमिली बहुत खड़ूस और संगदिल हैं ,दिखावापरस्त भी । उनमें ना इंसानियत है ना भलमनसाहत!

ठीक है , तुमलोग चिंता मत करो । अभी सेक्रेटरी को फोन करती हूँ और सब फ्लैट वालों  की मीटिंग बुलवाती हूँ । तब तक तुम लोग यहीं मेरे घर में रहो ,  हम मीटिंग के लिए साथ ही चलेंगे।

 सासुजी का वीडियो काॅल साहिल के फोन पर आता है , मानसी माँ का फोन है ,

मम्मी जी सादर प्रणाम! सदा सुहागन रहो खुश रहो बहू,

अरे यह क्या ? अभी तक नाइटी में घूम रही हो , यह सुघड़ बहू के संस्कार नहीं लग  रहे ? और यहाँ कौन  कौन बैठा हुआ है , वीडियो काॅल में आयरन वाला का परिवार दिखता है , इसलिए सासू माँ पूछ बैठी हैं।

मम्मी जी ये लोग आयरन करते हैं हमारे कपड़े !

राम राम बहू ! सुबह सुबह धोबी के साथ  बैठ चाय पी रही हो ,  इन्हें साहिल भी देख लिया होगा ना ! पुरा दिन का सत्यानाश कर दी तुम मेरे बेटे का !

ठीक है मम्मी जी , बाद में बात करती हूँ आपसे , अभी कुछ जरूरी काम निपटाना है कहकर मानसी फोन रख देती है । ओह गाॅड! गनीमत है कि इयर फोन लगा हुआ था फोन पर , वरना बिचारे सुन लेते सास की बातों को । कितना खराब लगता इन्हें? पता नहीं कौन जमाने में जी रही हैं।

संगदिल और संकीर्ण विचारधारा की हैं मानसी की सास ।

फिर तुरंत गार्ड का फोन आता है  कि हमारे अपार्टमेंट में  फ्लैट 207  कपूर के घर में पुलिस आई है ।

हड़बड़ाते आनन फानन में पहुंची कपूर फैमिली के घर मानसी ! विपरीत दृश्य अवलोकन हुआ है ....पुलिस कपूर का मोबाइल फोन लेकर आई है, पुलिस का कहना है कि  इनका मोबाइल कपूर साहब का बेटा चोर बाजार में बेचने गया था , मोबाइल दुकानदार ने कपूर के बेटा को दुसरे दिन आकर पैसा लेने को बोला था । उसे शक हुआ कि इतना महंगा और नया मोबाइल मात्र दस हजार में बेचने की क्या जरूरत है। दुकानदार का माथा ठनका है ? समझते देर लगी कि जरूर दाल में कुछ काला है ।  कपूर के बेटा के आधार कार्ड के एड्रेस से पुलिस पता लगाते पहुंच जाती है ।

यह सब सुनकर कपूर फैमिली के चेहरे पर हवाईयाँ उड़ने लगी है , बल्कि चोर उल्टा उनका ही बेटा निकला । बिचारा गरीब का बेटा पिटा गया था । अपार्टमेंट के लोगों द्वारा जोर देने पर कपूर फैमिली सिर्फ साॅरी कह कर इतिश्री कर लेती है । पर उसका क्या , जिसे  कोमल बच्चे ने झेला है ?

खामख्वाह!

मानसी का दिल दहल उठा है ऐसे लोगों से , सोचती है कि कपूर फैमिली और सास में काफी हद तक समानता है , दोनों ही स्वभावतः संगदिल हैं।

मानवता से परे !


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