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छल

 "आज लड़के वाले रूपल को देखने आने वाले थे", उसकी पढाई पूरी हो चुकी थी ,पढ़ी लिखी रूपल मध्यम वर्ग की आकर्षक नैन नक्श वाली प्यारी सी लड़की थी । लड़के वाले भी मध्यम वर्ग से थे , ओर लड़का भी स्मार्ट और मल्टीनेशनल में इंजीनियर । "साथ ही शादी के बाद अपनी कंपनी के प्रोजेक्ट पर दो वर्षों के लिए उसे कनाडा जाना था"। रूपल ने अपनी सबसे पक्की सहेली निमिषा को सब बता दिया था की ,

 उसे देखने के लिए लड़के वाले आ रहे है । दोनो बचपन की सहेलियाँ थी  ,साथ साथ ही बड़ी हुई थी और पढ़ी भी थी ,"निमिषा को भी उत्सुकता  थी ,लड़के को देखने की , कि रूपल को कैसा हमसफ़र मिलेगा" । निमिषा भी सुंदर और आकर्षक थी । दोनों सहेलियाँ कम जुड़वां बहने ही ज्यादा लगती थी।

नियत समय पर लड़का उसके माता पिता और बहन आए , उनकी खूब आवभगत की गई । "प्यारी सी रूपल कुणाल  और उसके घरवालों को भा गई थी" । रूपल के परिवार की सरलता से वह प्रभावित हो गए थे। जल्द ही जवाब देने का आश्वासन देकर वो लोग चले गए । "रूपल का परिवार आश्वस्त था , उनके व्यवहार और स्वभाव से की रूपल उन्हें पसन्द आ ही जाएगी" , 

फिर भी वो उनके पक्के जवाब की राह देख रहे थे , कुछ दिनों के इंतजार के बाद जवाब आया, किसी रिश्तेदार के हाथों ..कि ,"ये रिश्ता नही हो सकेगा ,क्योंकि लड़की का किसी और लड़के के साथ अफेयर चल रहा है" ! ऐसा उन लोगों को मालूम हुआ है ।रूपल ओर उसके मम्मी पापा बात सुनकर सन्न रह गए कि ऐसी घटिया और झूठी अफ़वाह किसने उड़ाई  ? 

"रूपल के मन को धक्का सा लगा था"। क्योंकि उसने हमेशा अपने पापा मम्मी की भावनाओं का ध्यान रखा था । अगर वह किसी को पसंद करती भी..तो वह मना नही करते  , "क्योंकि उन्हें अपनी बेटी  पर भरोसा था की, वह कभी कोई  गलत निर्णय नही लेगी" । इधर निमिषा भी कई दिनों से रूपल से मिली नही  । इस घटना के लगभग दो माह बाद ही...

निमिषा अपने शादी का निमत्रंण  पत्र रूपल को देने आई "वर का नाम कुणाल देखकर चौक गई थी रूपल"। ये तो वही लड़का था , जो उसे देखने आया था। उसका सिर घूमने लगा था। "और निमिषा शादी में आने का निमंत्रण देकर , जल्दी से वहाँ से विजयी भाव से निकल पड़ी" । रास्ते मे वह सोच रही थी ,"अच्छा हुआ जो वह कुणाल को बहकाने में सफल हो गई ,

नही तो उसके जैसा लड़का आज रूपल का हमसफ़र होता"। उसने कुणाल से मिलकर दोस्ती बढ़ाकर अपनी  मीठी मीठी बातों से आकर्षित कर ,कुणाल के मन में अपनी बचपन की सहेली के प्रति शक पैदा कर दिया था । कुणाल ने कुछ  समय के बाद कुछ  सोचकर  , निमिषा को प्रपोज़ कर दिया था , निमिषा लगातार उसके सम्पर्क में रहने लगी थी ,"उसके तो मन की हो गई थी ,यही तो वह चाहती थी। "कुणाल जैसे स्मार्ट और इंजीनियर लड़के को देखकर ही उसे रूपल के भाग्य से ईर्ष्या होने लगी थी"। और उसने अपनी कुटिल चाल चल  दी थी ।


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