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डैड का गुस्सा

 सोना को ससुराल आए लगभग 1 साल होने को आए ऐसा कोई दिन ना था जिस दिन उसने अपने डैड को याद ना किया हो।


आज उसके डैड का जन्मदिन था।सुबह मंदिर गई ।पूजा की डैड की खुशी और सलामती के लिए दुआएँ माँगी।फिर शाम में केक लाकर अपने ससुरालवालों के साथ उनका जन्मदिन मनाने का प्रोग्राम बनाया।


फिर केक काटने से पहले डैड को वीडियो कॉल लगाया उधर डैड मॉम के साथ उदास बैठे थे।


सोना ने उन्हें देखते ही चहक के बोली " हैप्पी बर्थडे टू यू माई स्वीट डैड!!!!


" पता है डैड यहाँ मैं आपकी डाँट आपके गुस्से को हर दिन मिस करती हूँ ।यहाँ सारे लोग मुझे बहुत प्यार करते हैं स्पेशली सासू माँ!एक दिन घर में मुहल्ले की औरतों को जब ये बोल रहीँ थीं कि "कितनी अच्छी बहु मिली है।कपड़ो ,बोली और स्वभाव में शालीनता जरूर इसके डैड से विरासत में मिले है।आज कल की लड़कियों में इतने संस्कार अब कहाँ मिलते हैं।सब इसके डैड का कमाल है।"


"आपके लिए ये सुनकर डैड मेरा सर फक्र से ऊँचा हो गया।"


"उस दिन सचमुच मुझे बहुत गुस्सा आया था और खूब रोई थी मैं जब कॉलेज फेयरवेल पार्टी के लिए जो मैंने एक्सपोज़ वाला ट्रांसपेरेंट ड्रेस लायी थी और आपने उस ड्रेस को देखकर गुस्से से लाल होकर आँखे दिखाते हुए सड़क पे फेंक दी थी।"


"कैसे आपने मेरी फ़ास्ट फ्रेंड अनु के बर्थडे में देर रात चलने वाली पार्टी में दोस्तों के साथ डाँस करते वक्त सबके सामने पहुँचकर डाँटते हुए घर लाए थे ।बाद में जब मुझे पता चला कि वहाँ पार्टी में सब लड़के लड़कियों ने आपको ओल्ड मेंटलिटी डैड कहा तो मुझे आपपे बहुत गुस्सा और खुद पे आपकी बेटी होने पे शर्म भी आई थी"।


"पर आज मुझे आपपे प्राउड है डैड।कैसे एक बार कॉलेज दोस्तों के साथ आपसे बिना इज़ाज़त लिए पिकनिक के लिए गई थी ,5 बजे शाम तक सोचा था लौट आऊँगी और आपको पता भी नहीं चलेगा।पर रास्ते मे एक अन्य गाड़ी एक्सीडेंट के जाम लगने के के कारण जब हमारी बस 11 बजे रात पहुँची फिर जब मेरे दो दोस्त घर मुझे छोड़ने आए तो कैसे बदहवास और गुस्से से आप घर के गेट पे टहल रहे थे।


मैं जब उस रात खाना देने आयी तो आपने खाना फेंक दिया था और चार दिन तक बात भी ना कि थी।


मम्मा ने बताया आप हमेशा बोलते थे कि सारी दुनिया को तो सुधार नही सकते बस अपना दामन बचा के रखना होगा।"


आज तो लड़कियों के लिए बॉयफ्रेंड बनाना ,ड्रिंक्स करना, लिव इन रिलेशन रहना और ट्रांसपेरेंट ड्रेस पहनना फैशन सा है पर आपने एक सुरक्षा कवच बनकर मुझे इन बुराइयों से बचाये रखा।


आपको पता है ना डैड मैं अब एक कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर बन गई हूँ एलेवेंथ और टूएल्व क्लास की बच्चों को पढ़ाई के साथ साथ यही सिखाती हूँ कि डैड के तेज गुस्से के पीछे का प्यार महसूस कर सको तो कर लो, ऐसा न हो कि बाद में सिर्फ पछताने के सिवा कुछ न रहे!!!


दूसरी तरफ डैड के होंठ काँप रहे थे ,आँखों से लगातार आँसू और मुँह से बेटी के लिए सिर्फ आशीर्वाद निकल रहा था.......


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