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भईया जरा 500 रूपये देना तो...??

 क्या काम हैँ भईया आपको पैसों से.... भाई के कुछ बोलने से पहले ही भाभी श्री बोल पड़ी...

छोटे भाई को बुरा तो लगा कि भाई अपने छोटे के  मुंह से  निकलने से पहले ही पैसे हाजिर कर देते थे.. आज भाभी की तरफ क्यूँ देख रहे हैँ...

कुछ नहीं भाभी बस ऐसे ही... रहने दीजिये भईया....पापा से ले लूँगा......

छोटा भाई विशु चेहरा लटकाकर चला गया... आज उसके दिल को ठेस पहुँची थी....

देखा मेरा आईडिया काम आया ना ... हर बात पर आगे बढ़कर पैसे दे देते हैँ... कुछ चालाकियां सीखिये .... नहीं तो सब ऐसे ही बेवकूफ बनाते रहेंगे आपको... और आप लुटाते रहेंगे.... मुझे आगे कर दिया करिये... मैं संभाल लूँगी....

लेकिन सविता छोटे को कुछ ज़रूरी काम ही होगा तभी मांगे उसने... ऐसे बेफिजूल खर्च के लिए कभी नहीं मांगता वो....

ऐसे ज़रूरी काम तो हमेशा आयेंगे... कल को उसकी बीवी आयेगी उसकी बिन्दी  लिपिस्टिक के भी फिर आपसे ही मांगेगा....

तुम मुझसे ज्यादा बहस मत करों ..... जाओ अपना काम करो जाकर.....

आज़ जीवन में पहली बार अपने छोटे को मना करके बड़े भाई का मन भी भारी था  पर पत्नी के आगे कुछ बोल नहीं पाया... 

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कुछ दिनों में छोटे की नौकरी एक बड़े ओहदे पर लग गयी.... अपनी पहली सैंलरी से कुछ लेकर बड़े भाई साहब के पास आया....

लो भईया आपके लिए अडीडास के जूते... हमेशा आप कम्पनी के जूते पहनने  का मन मारकर रह ज़ाते थे... लीजिये अब पहनिये... अपने हाथों से भाई को पहनाने लगा... साइज देख लो भईया ठीक हैँ ना ...

भाभी आपके लिए स्मार्ट वाच लाया हूँ...... कबसे मन था आपका लेने का... हैँ ना ....

छोटे इन सबकी क्या ज़रूरत थी....

भईया अब आपका छोटे कमाने लगा हैँ.. अपने पिता समान भाई के लिए इतना भी नहीं कर सकता... अब आप देखिये सारे सपने पूरे करूँगा आप सबके...

आज बड़ा भाई खुद को छोटे भाई से ओहदे में बड़ा होकर भी छोटा महसूस कर रहा था... बड़े भाई की आँखों में आंसू तैर आयें थे... उन्होने छोटे को गले लगाया... छोटे तू ऐसे ही खूब तरक्की करें ... मेरा आशिर्वाद तेरे साथ हमेशा हैँ... छोटे ने भी भाई की पकड़ मजबूत कर ली... लग रहा था जैसे राम भरत मिलाप हो रहा हो....

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भाभी भी खड़ी आज अपने आप को खुद की नजरों में ही गिरा हुआ महसूस कर रही थी...

अपनों के साथ गेम मत खेला करों साहब...कुछ पा भी गए तो बहुत कुछ खो दोगे..🙏


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