रात के नौ बजने वाले थे, और मौसम खराब होने की संभावना भी थी। मनोज की पत्नी, शालिनी, दोपहर में अपने मायके गई थी, लेकिन अब तक लौटकर नहीं आई थी। तभी मनोज के मोबाइल की घंटी बजी। फोन उठाते ही शालिनी ने कहा, "शायद आज मौसम खराब हो जाए, रास्ते में जाम भी मिलेगा, इसलिए मैं कल सुबह ही आऊंगी। भूख लगे तो बाहर से खाना मंगा लेना।"
मनोज ने फोन रखते ही खाने का ऑर्डर कर दिया। करीब 20 मिनट बाद एक पतला-दुबला आदमी साइकिल पर खाना लेकर आया। वह कुछ पूछता, इससे पहले ही मनोज ने कह दिया, "हाँ भाई, खाना मैंने ही मंगवाया है।"
उसने ओटीपी मांगा, जिसे मनोज ने बता दिया। अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। मनोज ने उससे कहा, "जब तक बारिश हो रही है, आप अंदर आकर बैठ सकते हैं।" मनोज को भी अच्छा लगा क्योंकि वह अकेला था। उसने उसे बताया कि उसकी पत्नी बच्चों को लेकर मायके गई हुई है और कल सुबह लौटेगी।
अजनबी ने संकोच करते हुए कुर्सी पर बैठकर खाना खाया। बातों के दौरान मनोज ने उससे उसका परिचय पूछा। उसने बताया कि उसका नाम रवि है और उसकी कहानी कुछ अजीब है। कभी वह गांव में रहता था, और किसी ने उसकी शादी दिल्ली की लड़की से तय कर दी थी। उसकी शादी की खबर से वह फूला नहीं समा रहा था, क्योंकि वह सोच रहा था कि दिल्ली की लड़की से शादी होने का मतलब उसकी किस्मत खुल गई। लड़की गोरी-चिट्टी और पढ़ी-लिखी थी, फोटो देखकर ही वह बहुत खुश हो गया था।
लेकिन शादी के बाद जब वह गांव आई, तो उसका नज़रिया बिल्कुल अलग था। वह नाखुश होकर कहने लगी कि गांव सुनसान है, बाजार दूर हैं और मेकअप की भी दिक्कत होगी। रवि के माता-पिता को यह देखकर चिंता हुई कि वह गांव में कैसे रहेगी। इसलिए उन्होंने जमीन बेचकर रवि को शहर भेजने का फैसला किया, और वह अपनी पत्नी को लेकर दिल्ली आ गया।
शहर में उसने 18 लाख का एक छोटा फ्लैट खरीदा, पर बीवी ने कार की मांग कर दी। 19 लाख की कार खरीदी, और किराए का एक और फ्लैट लिया। रवि ने दिल्ली में डिलीवरी बॉय का काम करना शुरू किया। बीवी की जरूरतों को पूरा करने के लिए वह दिन-रात मेहनत करने लगा। धीरे-धीरे, उसकी बीवी ने पूरी जिम्मेदारी संभाल ली और उसकी कमाई से बजट बना लिया। उसने घरवालों को भी साथ बुला लिया, और सभी को काम में लगा दिया।
समय बीतने के साथ-साथ बीवी ने घर की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर लिया और सबके लिए छोटे-छोटे फ्लैट्स खरीदे। बीवी ने मां और बहन को कार चलाना सिखाया और परिवार के सभी सदस्यों के लिए नौकरियां ढूंढीं। इस तरह घर में सबका अलग-अलग काम था। धीरे-धीरे, बीवी ने घर की सारी संपत्ति अपनी योजना के अनुसार उपयोग में लाकर अलग-अलग जगहों पर निवेश कर दिया।
अब स्थिति यह है कि रवि की बाइक कबाड़ हो चुकी है, और उसकी पत्नी उसे साइकिल से डिलीवरी करने के लिए कहती है। रवि अब सोचता है कि क्या दिल्ली की लड़की से शादी करके उसने सही फैसला लिया या गलत।
बारिश खत्म होते ही रवि ने साइकिल उठाई और अगली डिलीवरी के लिए निकल पड़ा।
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