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सौभाग्य

 दिन भर की दौड़ धूप के बाद अब रात के ग्यारह बजे फुरसत मिली है कमर सीधी करने की.. चार दिन बाद महक की शादी है और कल से मेहमान भी आने शुरू हो जाएंगे थक कर चूर थी मैं.. लेकिन नींद आंखों से जैसे कोसों दूर थी.. आज महक को लहंगा चुन्नी के साथ उसकी पसंद का डायमंड सैट ना मिलने पर महक ने ऐसी बात कह दी जिसने मन को अन्दर तक हिला दिया "क्या मम्मा आप भी.. बीस वर्षों में इतना भी इकट्ठा नही कर पाई कि अपनी बेटी को उसकी पसन्द की ज्वैलरी दिला सकें.. आज से बाईस वर्ष पुरानी वह घटना जैसे पुर्नजिवित हो गई जब मेरी शादी होने वाली थी और मैने मां से मेरी शादी में अपनी सहेलियों से प्राप्त अंगूठी (जो मेरी आठों सहेलियों ने मिलकर मुझे गिफ्ट की थी)जो मां मुझे शादी के बाद पगफेरे की रस्म मे देने की कह रही थी लेकिन मैं शादी की अन्य ज्वैलरी के साथ शादी के वक्त ही ले जाने पर अड़ी हुई थी मां ने मुझसे बहुत गुजारिश की लेकिन मैं टस से मस ना हुई उम्र का तकाजा कहिए या नादानी मैं वो अंगूठी लेने पर अड़ी रही और मां मुझे उस वक्त ना देने पर.. मेरी जिद थी और मां की मजबूरी.. क्योंकि उस वक्त घर के हालात ऐसे नही थे कि दूसरी अंगूठी खरीदी जा सकें और ऊपर से मेरी शादी का खर्च दूसरी अंगूठी खरीदना असम्भव था.. खैर मेरी विदाई तक मैं भी अड़ी रही और मां भी.. मैं विदा होते वक्त मां के गले लगाकर रोई भी नही क्योंकि मुझे मां से शिकायत जो थी.. अगले दिन पगफेरे पर आई तो मां ने वह अंगूठी मुझे दी तो मैंने कहा "अब भी रख लिजिए अब क्या जरूरत है देने की.. मां कि आंखों से आंसू छलक पड़े थे मुझे खींचकर सीने से लगाकर लिया उन्होंने.. शायद वो अपने आंसू मुझे नही दिखाना चाहती थी.. और मैं नादान मुस्कुरा रही थी.. कहते हैं ना वक्त खुद को दोहराता है आज बाईस बरस बाद जब मेरी बेटी मुझसे डायमंड सैट का कह रही है तो मुझे महसूस हो रहा है कि मै उस वक्त कितनी गलत थी मेरा मां के प्रति रवैया कितना गलत था कल मुझे किसी भी तरह पैसों का इन्तजाम करना ही होगा चाहे वो बरसों पुरानी ज्वैलरी ही क्यों ना बेचैनी पड़े लेकिन मैं महक की ये ख्वाहिश जरूर पूरी करूंगी मैं नही चाहती की कल जब महक विदा हो तो मुझसे दो आंसू बहाने का हक भी छिन जाए शायद यह प्रकृति का नियम ही है कि कोई मां अपनी बच्ची की आंख में आंसू नही देख सकती हां समझ के फेर के चलते मुझ जैसी कुछ नादान जरूर मां के गले लगाकर आंसू बहाने का सौभाग्य खो देती है....


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